आजकल सभी पैरेंट्स के मन मेंं ब्लू व्हेल गेम को लेकर एक अनजाना सा डर घर कर गया है | जैसे ही न्यूज़ पेपर देखो या फिर कोई न्यूज़ चैनल, इस गेम को लेकर कोई ना कोई न्यूज़ हमें दिखाई देती है जिसकी वजह से सभी पैरेंट्स अपने बच्चों को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं |
कुछ बातो को देखने के बाद मुझे ऐसा लगा की पेरेंट्स इस डर की वजह से बच्चों को मोबाइल और गेम से दूर रहने का दबाव बना रहे हैं जिसकी वजह से बच्चों में गेम को लेकर एक्साइटमेंट और इंटरेस्ट दोनों बढ़ रहा है |
हाल ही में एक बच्ची को ब्लू व्हेल गेम से सुसाइड करने से बचाया गया और जब उसे इस बारे में पूछा गया कि तुमने क्यों यह गेम खेला तो उसका जवाब सुनकर सब दंग रह गए| उसका कहना था कि वह देखना चाहती थी कि यह गेम आखिर है कैसा जिसमें सब मर रहे हैं और मम्मी पापा क्यों बार-बार इस गेम को खेलने से रोक रहे हैं इसीलिए मैंने यह गेम खेला|
मुझे लगता है सभी पेरेंट्स को यह समझना बहुत जरुरी है कि बच्चों का स्वभाव ऐसा ही होता है उन्हें जिस बात के लिए रोको या जबरदस्ती करो कि वह या ना करें तो बच्चे जरुर उसी काम को करेंगे इसीलिए बहुत जरुरी है कि पेरेंट्स समझदारी और सावधानी से काम ले |

“क्या करें ?”
⚪बच्चों के साथ समय बिताएं , उनसे बात करें |
⚪उसके मन में क्या चल रहा है यह समझने की कोशिश करें| अगर वह कुछ कहना चाहता है तो पहले उसकी पूरी बात सुने फिर उस पर अपनी प्रतिक्रिया दें|
⚪उसे हर गलती पर बार-बार डांटने या मारने से पैरेंट्स और बच्चों के बीच की दूरी बढ़ जाती है और बच्चों के मन में एक डर घर कर जाता है जिससे शायद अगली बार वह किसी भी बात को आप से शेयर करने से पहले ही डरने लगते हैं और वही बातें छुपाने लगते हैं|
⚪बच्चों को ब्लू व्हेल गेम के बारे में पूरी बात बताएं उससे होने वाले नुकसान और खतरे के बारे में अच्छे से समझाएं परंतु इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें दूसरे गेम ना खेलने दे या उन पर दबाव बनाए |
⚪बच्चों को फिजिकल गेम खेलने के लिए प्रोत्साहित करें उनका इंटरेस्ट बढ़ाएं जिससे बच्चे मोबाइल और वीडियो गेम से दूरी बना सकें
⚪बच्चों के बिहेवियर के बारे में उनके स्कूल से और दोस्तों से समय-समय पर जानकारी लेते रहे |
⚪बच्चों की संगत की तरफ ध्यान देना बहुत जरूरी है क्योंकि संगत का असर बहुत जल्दी हो सकता है |
⚪यदि आपके बच्चे में कोई भी मानसिक व शारीरिक चेंज दिखाई दे रहा है तो तुरंत डॉक्टर या काउंसलर से संपर्क करें |

निम्न बातों पर ध्यान दें |
⚪यदि आपके बच्चे के डेली रूटीन में अचानक से कोई बदलाव आपको नजर आ रहा है तो तुरंत ध्यान दें
⚪उनसे बात करें, उन्हें अकेला ना छोड़ें |
कुछ बातों को नोटिस करें जैसे रात को देर तक जागना या फिर सुबह जल्दी उठ जाना |
⚪अचानक से उसके व्यवहार में परिवर्तन आना |
⚪उसका बहुत ज्यादा एग्रेसिव होना |
⚪पढ़ाई से अचानक ध्यान हटना |
⚪बहुत जल्दी किसी बात से डरने लगे या घबराने लगे
⚪अचानक वह अकेला रहने लगे
⚪यदि उसके शरीर पर कोई घाव का निशान देखे तो इसके बारे में पूछ-ताछ करें |
बच्चों का मन बहुत नाजुक होता है उनके साथ नम्रता से व्यवहार करना चाहिए उन्हें आपके साथ की बहुत जरूरत होती है | घर और काम की भाग दौड़ में हम अपने बच्चों को समय नहीं दे पाते इसीलिए बच्चे TV, मोबाइल, वीडियो गेम की तरफ आकर्षित होते हैं|
आजकल सभी बच्चे फिजिकल गेम को छोड़कर मोबाइल पर वीडियो गेम में व्यस्त हो गए हैं |
सबसे पहले सभी पैरेंट्स अपने बच्चों का ध्यान मोबाइल गेम से हटा कर दूसरे खेलों में आकर्षित करें यही उनके भविष्य के लिए बेहतर है|