खुशीयो मे वो खुद को समेटे हुई
एक अनजान रास्ते चल पड़ी है
हँसते मुस्कुराते देखो नन्ही चिड़िया अपनी पहली
उड़ान भरने चली है

मासूमियत की टहनी से
जंगली पेड़ो वाला रास्ता पार
करने चली है मजबूत मनोबल संग
देखो नन्ही चिड़िया अपनी
पहली उड़ान भरने चली है

महफूज़ सुरक्षित घोंसले से
सुनसान पहाड़ीयाँ पार करने चली है
समझदारी सुझ बुझ संग
देखो नन्ही चिड़िया अपनी
पहली उड़ान भरने चली है

बारिश की फुहार संग अँगना मे झूमती
तूफानो से टकराने निकल पड़ी है
अपने हौसले बुलंद कर
देखो नन्ही चिड़िया अपनी
पहली उड़ान भरने चली है

इंद्रधनुष के सपने सजाती चिड़िया
मंजिल की ओर निकल चुकी है
हर हार को हराने
देखो नन्ही चिड़िया अपनी
पहली उड़ान भरने चली है

सोजन्य : किशी गावशिंदे , इंदौर मध्यप्रदेश